स्व. श्री प्रेमनाथ श्रीवास्तव
धर्म मण्डल के संस्थापक और उस प्रारंभिक संकल्प के प्रमुख प्रेरणास्रोत, जिसने रामलीला को संगठित रूप दिया।
जिनके संकल्प ने बच्चों के छोटे से आयोजन को एक स्थायी सांस्कृतिक संस्था का स्वरूप दिया।
धर्म मण्डल के संस्थापक और उस प्रारंभिक संकल्प के प्रमुख प्रेरणास्रोत, जिसने रामलीला को संगठित रूप दिया।
बाल आयोजन को समुदाय से जोड़ने और संस्था की निरंतरता सुनिश्चित करने वाले संस्थापक सदस्यों में से एक।
धर्म मण्डल की स्थापना और रामलीला परंपरा को स्थायित्व देने वाले तीन मूल स्तंभों में से एक।
संस्थापकों के बाद अनेक सदस्यों, निर्देशकों, कलाकारों, व्यवस्थापकों, सहयोगियों और ग्रामवासियों ने इस परंपरा को अपने श्रम तथा समर्पण से आगे बढ़ाया।