मर्यादासेवासंस्कार
हमारा परिचय

हमारे बारे में

आस्था से आरंभ हुई और पीढ़ियों से प्रेम, सेवा तथा अनुशासन के साथ निभाई जा रही सांस्कृतिक परंपरा।

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स्थापना 1932

श्रीराम के आदर्शों से जुड़ी संस्था

श्री सीताराम धर्म मण्डल, सराय हरखू जनपद जौनपुर की ऐतिहासिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक संस्था है। बच्चों के सहज प्रयास से प्रारंभ हुई रामलीला आज गाँव की पहचान और सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक है।

हमारा उद्देश्य

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और शिक्षाओं को रामलीला के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाना धर्म मण्डल का मूल उद्देश्य है। यह मंचन सत्य, कर्तव्य, करुणा, त्याग और सामाजिक सद्भाव जैसे जीवन-मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम है।

दशहरे के अवसर पर पाँच दिनों तक रामलीला का मंचन होता है और छठे दिन विजयादशमी मेले के साथ आयोजन पूर्ण होता है।

हमारी पहचान

परंपरा के तीन मजबूत आधार

राम

आस्था और आदर्श

श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में मर्यादा, सत्य और कर्तव्य की भावना को सुदृढ़ करना।

दीप

संस्कृति का संरक्षण

लोकभाषा, पारंपरिक संवाद, संगीत और मंचन शैली को सुरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी से जोड़ना।

जन

सामुदायिक एकता

सदस्यों, कलाकारों, ग्रामवासियों और दर्शकों के सहयोग से प्रेम तथा सद्भाव की परंपरा बनाए रखना।

हमारी प्रेरणा

ईश्वर की कृपा, पूर्वजों के संस्कार, सदस्यों की निष्ठा और दर्शकों के स्नेह ने धर्म मण्डल की यात्रा को निरंतर आगे बढ़ाया है। हमारा विश्वास है कि यह विरासत आने वाली अनेक पीढ़ियों तक श्रीराम के आदर्शों का प्रकाश फैलाती रहेगी—धर्म मण्डल अमर रहे।